नगपुरा मेले का नाम बदलने पर बेलतरा में सियासी घमासान, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

सात दिवसीय आयोजन की अवधि घटाने और ‘बेलतरा महोत्सव’ नाम रखने पर उठे सवाल, कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने 30 लाख रुपये की घोषणा को लेकर कसा तंज

बिलासपुर/बेलतरा। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही नगपुरा मेले की पहचान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्राचीन ‘नगपुरा मेला महोत्सव’ का नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ किए जाने और आयोजन की अवधि कम किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय आयोजन और मंचीय कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है।

ऐतिहासिक पहचान बदलने पर कांग्रेस की आपत्ति

अंकित गौरहा ने कहा कि नगपुरा मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी परंपरा, लोकसंस्कृति और लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार पहले यह आयोजन करीब सात दिनों तक चलता था, लेकिन अब इसकी अवधि कम किए जाने के साथ नाम में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि नाम परिवर्तन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की ओर से आपत्तियां भी सामने आई थीं। गौरहा ने कहा कि जनभावनाओं से जुड़े किसी पारंपरिक आयोजन की पहचान में बदलाव करने से पहले स्थानीय लोगों की भावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

30 लाख की घोषणा पर कांग्रेस का तीखा कटाक्ष

मुख्यमंत्री द्वारा बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा को लेकर भी कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधा। गौरहा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार की प्राथमिकता लगातार आयोजन कराना है, तो और राशि देकर हर महीने महोत्सव कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों पर खर्च करने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए कि क्षेत्र की जनता किन बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महोत्सव के नाम पर खर्च होने वाली राशि का इस्तेमाल जरूरी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए।

सड़कों की बदहाली को लेकर भी उठाए सवाल

अंकित गौरहा ने बेलतरा क्षेत्र की सड़कों की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कई प्रमुख मार्गों की बदहाली का आरोप लगाया। उन्होंने अशोक नगर–बिरकोना मार्ग, राजकिशोर नगर चौक से छठ घाट मार्ग और सेंदरी–मोपका बायपास की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि क्षेत्र की जनता को बड़े मंचों और आयोजनों से ज्यादा सुरक्षित सड़क, नियमित बिजली आपूर्ति और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।

विकास की प्राथमिकताओं पर बहस तेज

नगपुरा मेले के नाम और आयोजन को लेकर उठे विवाद ने बेलतरा में विकास की प्राथमिकताओं को लेकर राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां इसे परंपरा और बुनियादी समस्याओं से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रही है, वहीं अब सबकी नजर इस बात पर है कि सत्ता पक्ष इन आरोपों पर क्या जवाब देता है।

अंकित गौरहा ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।

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