चौकी परिसर में सड़क निर्माण पर पुलिस परिवारों की चिंता, कल थाना बना तो जगह पड़ सकती है कम

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खरसिया। खरसिया पुलिस चौकी परिसर में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर पुलिस परिवारों ने सुरक्षा और निजता से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। चौकी परिसर में पुलिसकर्मियों के परिवार निवास करते हैं, जहां महिलाएं और बच्चे भी रहते हैं। बच्चे परिसर में ही खेलते हैं और परिवारों के लिए यह स्थान निजी एवं सुरक्षित वातावरण के रूप में उपयोग होता है। ऐसे में परिसर से सार्वजनिक सड़क बनने पर बाहरी लोगों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने से निजता प्रभावित होने की आशंका है।

पुलिस परिवारों के मुताबिक परिसर में कई आवास पहले से ही जर्जर स्थिति में हैं। कई परिवार सीमित जगह में रहने को मजबूर हैं और कुछ स्थानों पर तिरपाल का सहारा लेकर गुजारा किया जा रहा है। पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनका कहना है कि परिसर की मौजूदा समस्याओं के समाधान के साथ सुरक्षा और निजता को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

परिवारों का कहना है कि खरसिया शहर में आवागमन के लिए अन्य संभावित रास्ते मौजूद हैं। यदि वैकल्पिक मार्गों से यातायात की सुविधा विकसित की जा सकती है, तो पुलिस चौकी परिसर से सड़क निकालने के बजाय उन विकल्पों पर विचार किया जाना अधिक उचित होगा।

भविष्य में चौकी के थाना बनने की संभावना को देखते हुए मामला और महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि आने वाले समय में यहां थाना विकसित होता है तो पुलिसकर्मियों, वाहनों, कार्यालयीन व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता होगी। ऐसे में अभी परिसर के भीतर सड़क निर्माण होने से भविष्य में पुलिस व्यवस्था के लिए उपलब्ध जगह सीमित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

मामला किसी विकास कार्य के विरोध का नहीं, बल्कि सही स्थान और बेहतर विकल्प चुनने का है। सड़क निर्माण से पहले मौके की वास्तविक स्थिति, पुलिस परिवारों की निजता, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य में थाना बनने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों पर विचार किया जाना जरूरी है।

आखिर सड़क शहर के लिए जरूरी है, लेकिन पुलिस चौकी की सुरक्षा और भविष्य के थाने के लिए पर्याप्त जगह बचाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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