RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत के संबोधन की PM मोदी ने की सराहना

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नागपुर के विजयादशमी उत्सव में राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता पर दिया गया संदेश; पंच परिवर्तन की अवधारणा का भी हुआ उल्लेख

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नागपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के संबोधन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर उनके भाषण को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि संबोधन में राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और समाज के चरित्र को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक एकता पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहन भागवत के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें राष्ट्र निर्माण और समाज को मजबूत बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार रखे गए। उन्होंने सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता को देश की प्रगति के लिए अहम बताया।

पीएम मोदी ने सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण जैसे विषयों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

पंच परिवर्तन की अवधारणा पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में पंच परिवर्तन की अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने अपने संबोधन में इस विचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा पर प्रकाश डाला।

पंच परिवर्तन के अंतर्गत सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे विषयों पर जोर दिया जाता है। इन प्रयासों का उद्देश्य समाज में जिम्मेदारी, सहयोग और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है।

RSS के शताब्दी वर्ष का विशेष आयोजन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी। वर्ष 2025 में संगठन ने अपने 100 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर आयोजित शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संगठन की यात्रा, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों पर चर्चा की जा रही है।

नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव में मोहन भागवत के संबोधन और उस पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया ने राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता और नागरिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को फिर चर्चा में ला दिया है।

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