डिब्रूगढ़ (असम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ में चाय बागान का दौरा कर श्रमिकों से संवाद किया और उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान उन्होंने असम के विश्व प्रसिद्ध चाय उद्योग को राज्य की पहचान बताते हुए श्रमिकों की मेहनत को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ा।
🔹 चाय बागान श्रमिकों से सीधा संवाद
प्रधानमंत्री ने चाय बागान में काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की और उनकी दिनचर्या व सांस्कृतिक परंपराओं को जाना। उन्होंने कहा कि असम की चाय ने दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है और इसमें श्रमिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
🔹 असम की चाय को बताया ‘आत्मा’
पीएम मोदी ने कहा कि “चाय असम की आत्मा है” और यहां की चाय वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है। उन्होंने चाय बागान परिवारों की मेहनत को राज्य की प्रगति की आधारशिला बताया।
🔹 सांस्कृतिक जुड़ाव और व्यक्तिगत अनुभव
प्रधानमंत्री ने चाय बागान में श्रमिकों के साथ अपनी बातचीत को यादगार अनुभव बताया। उन्होंने यह भी साझा किया कि चाय से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव बचपन के दिनों से रहा है, जब वे रेलवे स्टेशन पर अपने पिता की चाय बेचने में मदद करते थे।
🔹 असम चुनाव पर राजनीतिक संदेश
इस अवसर पर पीएम मोदी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि भाजपा राज्य में एक बार फिर सरकार बनाएगी और ‘हैट्रिक’ लगाएगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव विकसित भारत की दिशा तय करने वाला है।
🔹 असम की अर्थव्यवस्था में चाय उद्योग की भूमिका
असम के डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और जोरहाट जैसे जिले देश के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं। यह उद्योग लाखों लोगों को रोजगार देता है और भारत के चाय निर्यात में अहम भूमिका निभाता है।
