रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए आगामी “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ पुलिस पिछले पांच महीनों से नशे के अवैध कारोबार तथा जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
नशा और जुआ-सट्टा पर लगातार कार्रवाई
एसएसपी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा आज समाज की गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इन पर नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। इसी उद्देश्य से “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
हर वार्ड में सीधे संवाद की योजना
इस कार्यक्रम के तहत शहर के प्रत्येक वार्ड में पुलिस और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि आम लोग बिना झिझक अपनी शिकायतें और सूचनाएं पुलिस तक पहुंचा सकें। इसे आगे चलकर नगर पालिका खरसिया में भी लागू करने की योजना है।
पुनर्वास समिति बनाने की तैयारी
एसएसपी ने बताया कि एक जनभागीदारी समिति के गठन पर भी विचार किया जा रहा है, जो नशा और जुआ-सट्टा की गिरफ्त से बाहर आए लोगों के पुनर्वास, मार्गदर्शन और रोजगार पर काम करेगी।
4 जुलाई को होगा कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय है –
“संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़”
समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
एसएसपी ने कहा कि इसमें पुलिस, प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, मीडिया, अधिवक्ता, समाजसेवी संगठन (NGO) और नागरिकों की भागीदारी से एक संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का नहीं बल्कि एक सामाजिक मुद्दा है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से ही इसका स्थायी समाधान संभव है।


