छत्तीसगढ़ में पेंशनरों की नाराजगी, 3% डीआर जारी करने में देरी पर सरकार से तत्काल आदेश की मांग

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रायपुर  । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार द्वारा पेंशनरों को 3 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) जारी करने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है।

संगठन के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार की सहमति मिलने के बावजूद अब तक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे पेंशनरों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ ने इसे केवल प्रशासनिक देरी नहीं बल्कि पेंशनरों के साथ अन्याय बताया है।

सरकार की प्रक्रिया पर सवाल
महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने 9 फरवरी 2026 को डीआर प्रस्ताव भेजा था, जिसे 23 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। यह प्रक्रिया मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत पूरी हो चुकी है, फिर भी आदेश जारी न होना समझ से परे है।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जहां एक ओर कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का आदेश 12 जनवरी 2026 को जारी कर दिया गया, वहीं पेंशनरों को इंतजार कराया जा रहा है।

लंबित एरियर पर भी चिंता
महासंघ ने दावा किया कि राज्य के पेंशनरों को पिछले 81 महीनों का लंबित डीआर एरियर अभी तक नहीं मिला है, जिससे लाखों पेंशनर प्रभावित हैं।

तत्काल आदेश की मांग
संगठन के पदाधिकारियों—जिनमें जे.पी. मिश्रा, द्रौपदी यादव, अनिल गोल्हानी, टी.पी. सिंह और बी.एस. दसमेर शामिल हैं—ने सरकार से मांग की है कि 3 प्रतिशत डीआर का आदेश तुरंत जारी किया जाए और 81 महीने के लंबित एरियर पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

पेंशनरों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की स्थिति बन सकती है।

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