परशुराम जयंती : गौरेला में 44 वर्षों से चली आ रही परंपरा के साथ धूमधाम से मनाया गया प्रगटोत्सव

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‘परशुराम जयंती’ का ऐतिहासिक आयोजन
गौरेला में सर्व ब्राह्मण परिषद द्वारा विगत 44 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही परशुराम जयंती इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय श्री दुर्गा शंकर मंदिर, कमानिया गेट में किया गया, जहां सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा।

‘परशुराम जयंती’ पर विधि-विधान से पूजन
प्रातः 9:00 बजे भगवान श्री परशुराम जी का पूजन विधिवत प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर चित्रकूट से पधारे बाल ब्रह्मचारी, मानस मर्मज्ञ श्री राधेश्याम जी महाराज के सान्निध्य में सभी विप्रजनों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और धर्मलाभ प्राप्त किया।

‘परशुराम जयंती’ में हुआ प्रेरणादायी प्रवचन
पूजन के पश्चात श्री राधेश्याम जी महाराज ने समाज को प्रेरित करने वाला सारगर्भित प्रवचन दिया, जिसमें धर्म, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। इसके बाद रामकमल महाराज ने भी अपने उद्बोधन के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन प्रदान किया।

‘परशुराम जयंती’ पर भंडारे का आयोजन
कार्यक्रम के तहत भंडारे का आयोजन किया गया, जो पूरे दिन चलता रहा। सर्व ब्राह्मण परिषद के सदस्यों और नवयुवकों द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। यह भंडारा रात 8:00 बजे तक सुचारू रूप से चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

‘परशुराम जयंती’ में समाज की सक्रिय भागीदारी
इस भव्य आयोजन में संरक्षक वेद कुमार तिवारी, अंबिका तिवारी, पुरुषोत्तम तिवारी, राजेश तिवारी, टी.एन. तिवारी, प्रदीप दुबे, अजय पांडे, रमेश तिवारी, सुरेश त्रिपाठी, कमलकांत शुक्ला, सचिन तिवारी, वैभव तिवारी, भूपेंद्र शर्मा, गुड्डू शुक्ला, गौरव तिवारी, सुशील तिवारी, दिनेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही पुजारी के.पी. गौतम सहित बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोगों ने सहभागिता निभाई।

‘परशुराम जयंती’ का भव्य समापन
पूरे दिन चले इस धार्मिक आयोजन का समापन रात्रि में हुआ। आयोजन में समाज के लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जिसने इस परशुराम जयंती को और भी भव्य बना दिया।

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