रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने की डॉ. ताती के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती ने अपना जीवन जनजातीय समाज की सेवा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि उनका कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।
बस्तर अंचल में चार दशक से अधिक का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. ताती ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका
डॉ. बुधरी ताती ने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आजीविका से जोड़ने में अहम योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रतीक हैं।
लोक संस्कृति और परंपरा के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. ताती जैसे व्यक्तित्व हमारी जनजातीय विरासत और सेवा परंपरा को मजबूत करते हैं। उन्होंने उनके कार्यों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
सरकारी प्रयासों की सराहना
इस अवसर पर डॉ. बुधरी ताती ने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में उनके परिजन भी उपस्थित रहे।


