झारसुगुड़ा, 21 अगस्त। जिले में भारी बारिश से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। झारसुगुड़ा नगरपालिका क्षेत्र के साथ कोलाबीरा, किरमिरा और लाइकेरा ब्लॉक के कई परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, मुआवजा और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग को लेकर झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी ने विशेष राहत आयुक्त (SRC) से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।
100 से अधिक फूस के घरों को नुकसान
विधायक की ओर से सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि भारी बारिश के कारण जिले में 100 से अधिक फूस के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे कई गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
नुकसान का तत्काल आकलन कराने की मांग
विधायक ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने की मांग की है। साथ ही सरकारी नियमों के तहत प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने और मकानों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष सहायता देने की मांग भी की गई है।
गृहस्थी का सामान गंवाने वाले परिवारों को भी मदद की मांग
मांग पत्र में बारिश के कारण घरों के साथ घरेलू सामान और आवश्यक वस्तुओं को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने और राहत राशि समय पर जारी करने की मांग की गई है।
SRC कार्यालय ने कलेक्टर को भेजा पत्र
विधायक टंकधर त्रिपाठी की मांग और विशेष राहत आयुक्त से मुलाकात के बाद शुक्रवार को SRC कार्यालय, भुवनेश्वर की ओर से झारसुगुड़ा जिला कलेक्टर को पत्र क्रमांक 4483/2026 भेजा गया। इसमें मामले की तत्काल जांच कर नुकसान का विस्तृत आकलन करने और प्रभावित परिवारों को बिना देरी के नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
पत्र में जिला प्रशासन को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और मौजूदा नियमों के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक ने जताई राहत मिलने की उम्मीद
विधायक टंकधर त्रिपाठी ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से भारी बारिश से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।




