देहरादून प्रेस क्लब में अहम प्रेस वार्ता, पत्रकार सुरक्षा को लेकर उठी मजबूत आवाज
देहरादून। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, उत्तराखंड द्वारा 29 मार्च 2026 को देहरादून प्रेस क्लब में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, धमकियों और उत्पीड़न की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। समिति ने कहा कि मौजूदा समय में पत्रकारिता का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण हो गया है।
लोकतंत्र पर खतरे का संकेत, पत्रकारों की सुरक्षा को बताया जरूरी मुद्दा
समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सत्य को सामने लाने वाले पत्रकार लगातार दबाव, धमकी और हमलों का सामना कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल पत्रकारों का नहीं, बल्कि उनके परिवार और लोकतंत्र की सुरक्षा का भी विषय है।
उत्तराखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून की तैयारी, जल्द आएगा ड्राफ्ट
समिति ने घोषणा की कि उत्तराखंड राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी और व्यवहारिक कानून लाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा, कई पदों पर नियुक्तियां
इस अवसर पर समिति ने उत्तराखंड की पहली प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी की। जिसमें राज आलानी को प्रदेश उपाध्यक्ष, राजकमल को प्रदेश महासचिव (संगठन), उमेद सिंह बिष्ट को प्रदेश महासचिव, कुलदीप कुमार, नवीन चंद्रा, सुनील राज और श्रीमती पारुल कटियार को प्रदेश सचिव बनाया गया। वहीं राज्य सदस्य के रूप में शबनम खान, अब्दुल रजीक और श्रीमती कमल शर्मा को जिम्मेदारी दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष अनुपम खत्री का बयान, “पत्रकारों की सुरक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत”
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अनुपम खत्री ने कहा कि आज पत्रकारों की सुरक्षा केवल एक मांग नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की पारदर्शिता और सच्चाई को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
संगठन का उद्देश्य सहयोग और समन्वय, सभी से समर्थन की अपील
उन्होंने नवगठित टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कार्यकारिणी केवल पदों का गठन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी का संकल्प है। समिति ने स्पष्ट किया कि संगठन किसी प्रतिस्पर्धा में नहीं, बल्कि सभी पत्रकार संगठनों के साथ सहयोग और समन्वय स्थापित कर एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहता है। अंत में समिति ने प्रदेश के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस पहल में सहयोग करने का आह्वान किया।
