रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क पर कसा शिकंजा
रायगढ़। Operation Clean Hunt के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना साइबर और थाना लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 300 किलोग्राम गांजा तस्करी के बहुचर्चित मामले के मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
300 किलो गांजा जब्ती मामले में था फरार
पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को “ऑपरेशन आघात” के तहत उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलोग्राम गांजा की खेप जब्त की गई थी। इस कार्रवाई में लगभग ₹1.50 करोड़ मूल्य का गांजा, परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी XL-6, पांच मोबाइल फोन सहित कुल ₹1.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप और धर्मेन्द्र कुमार मौर्य ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन शुभम यादव के साथ मिलकर किया जा रहा था।
घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस लगातार शुभम यादव की तलाश कर रही थी। 8 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है।
पुलिस को देखकर आरोपी तेज रफ्तार से भागने लगा, जिसके बाद सरहदी थानों को अलर्ट कर नाकेबंदी की गई। थाना साइबर और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने कुंजारा (लैलूंगा मार्ग) पर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
₹10.17 लाख की संपत्ति जब्त
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव (29 वर्ष), निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से KIA कार (कीमत लगभग ₹10 लाख), मोबाइल फोन, घड़ी, ₹3,000 नगद, वाहन की आरसी, चाबी और तीन एटीएम कार्ड सहित कुल ₹10.17 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त की है।
पूरे नेटवर्क पर जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत कार्रवाई की है। पूछताछ में गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लाभार्थियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस केवल गांजा जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।




