जशपुर/रायगढ़, 13 अप्रैल छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जशपुर और रायगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पत्थलगांव क्षेत्र में एक कार से 112 किलो 770 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये बताई जा रही है।
मुखबिर सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन, पत्थलगांव में बिछाया गया जाल
पूरे मामले में रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध कार में भारी मात्रा में गांजा परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वाहन का पीछा शुरू किया और इसकी जानकारी जशपुर पुलिस को दी गई।
जशपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पत्थलगांव के पुरानी बस्ती मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध कार दिखाई देने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार में भागने लगा।
पीछा करने पर नाले में फंसी कार, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने कार का पीछा किया, इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर एक नाले के गड्ढे में फंस गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार सवार दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट के नीचे छिपाकर रखी गई 7 प्लास्टिक बोरियों में 108 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 112 किलो 770 ग्राम निकला।
संबलपुर से उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजा उड़ीसा के संबलपुर से खरीदा गया था, जिसे लैलूंगा, शिवपुर और पत्थलगांव के रास्ते उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त टोयोटा कार (DL-3CB-5298) को भी जब्त किया है। कार की कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल 56 लाख रुपये की जब्ती की गई है।
आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
- संजीव कुमार नट (30 वर्ष), निवासी ईटावा, उत्तरप्रदेश
- विजय पंडित (28 वर्ष), मूल निवासी वैशाली (बिहार), वर्तमान लोनावला (महाराष्ट्र)
दोनों के खिलाफ पत्थलगांव थाने में NDPS एक्ट की धारा 20(B)(2)(C) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
संयुक्त टीम की बड़ी भूमिका, आगे की जांच जारी
इस कार्रवाई में पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उप निरीक्षक कृपादान लकड़ा सहित पुलिस टीम और रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस की अहम भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
