OpenAI बना रहा एक सुपरऐप, जिसमें शामिल होंगे ChatGPT, Codex और Atlas: रिपोर्ट

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हैदराबाद: OpenAI अब कई ऐप्स को एक-साथ चलाने का नाटक छोड़ रही है. कंपनी ने फैसला किया है कि चैटजीपीटी, कोडेक्स कोडिंग टूल और एटलस वेब ब्राउज़र को मिलाकर एक ही डेस्कटॉप ऐप बनाया जाएगा, जिसे अधिकारी “सुपरऐप” कह रहे हैं. ओपनएआई की एप्लिकेशन्स प्रमुख फिदजी सिमो ने गुरुवार को एक इंटरनल मेमो में साफ-साफ कहा कि कंपनी अब तक बहुत सारे ऐप्स और टेक्नोलॉजी स्टैक्स में अपनी एनर्जी यूज़ कर रही है, जिससे काम थोड़ा स्लो हो गया था और क्वालिटी का स्तर बनाए रखना भी मुश्किल हो गया था.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सिमो ने लिखा, “हमें एहसास हुआ कि हम बहुत सारे ऐप्स में फैले हुए हैं और अब हमें इसे सरल बनाने की जरूरत है. इस बदलाव को लागू करने के लिए कंपनी के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन भी मदद कर रहे हैं.” यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि प्रतिद्वंद्वी कंपनी एंथ्रोपिक तेजी से आगे बढ़ रही है.

एंथ्रोपिक का क्लॉड कोड और कोवर्क प्रोडक्ट बिजनेस और इंजीनियरिंग टीमों में खूब पॉपुलर हो रहा है. कई यूजर्स चैटजीपीटी छोड़कर क्लॉड की ओर जा रहे हैं, खासकर ओपनएआई के पेंटागन के साथ डील करने के बाद सोशल मीडिया पर #QuitGPT जैसे अभियान चल रहे हैं. एंथ्रोपिक ने पेंटागन की डील ठुकरा दी थी, जबकि ओपनएआई ने इसे स्वीकार कर लिया और इसी वजह से यूज़र्स ओपनएआई से नाराज़ हो गए.

Agentic AI पर बेस्ड होगा नया सुपरऐप

सिमो के मुताबिक, नया सुपरऐप एजेंटिक एआई पर आधारित होगा, यानी ऐसा सिस्टम जो सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगा, बल्कि खुद आपके कंप्यूटर पर ही काम करेगा, कोड लिखेगा, डेटा एनालिसिस करेगा और वेब पर नेविगेट करेगा. यूज़र्स को अलग-अलग विंडो में स्विच करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह कोई नया आइडिया नहीं है. एंथ्रोपिक पहले से ही अपने यूज़र्स को ऐसा डेस्कटॉप एक्सपीरियंस दे रही है, जिसमें एक ही जगह पर चैटबॉट, कोडिंग और वर्कफ्लो की सुविधा मिलती है.

ओपनएआई का मानना है कि जो पैटर्न काम कर रहा है, उसमें दूसरा होना बेहतर है बजाय पहले होने के जहां कुछ गलत हो. कंपनी के मुताबिक, मोबाइल चैटजीपीटी ऐप अभी भी वैसे ही रहेगा, लेकिन कंपनी का फोकस डेस्कटॉप पर है, जहां डेवलपर्स, पावर यूजर्स और एंटरप्राइज कस्टमर्स ज्यादा रेवेन्यू देते हैं. कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स अब पीछे छूट रहे हैं, जिसमें एटलस ब्राउज़र का नाम भी शामिल है, जिसे ओपनएआई ने अक्टूबर में लॉन्च किया था. एटलस को Perplexity के Comet की तुलना में ज्यादा एटरैक्शन नहीं मिला. सोरा वीडियो जनरेटर को भी शुरुआत में काफी लोकप्रियता मिली, लेकिन बाद में लोगों का इसका यूज़ करना कम कर दिया.

कंपनी अब कोडेक्स को सिर्फ कोडिंग ही नहीं, बल्कि उससे आगे बढ़ाकर आम प्रोडक्टिविटी टास्क्स में इस्तेमाल करेगी और फिर चैटजीपीटी और एटलस को भी इसी काम में शामिल करेगी. कंपनी ने अभी तक अपने इस अपकमिंग सुपरऐप डेस्कटॉप की लॉन्च डेट का कोई ऐलान नहीं किया है. हालांकि, इतना तय है कि कंपनी अपना यूज़बेस और रेवन्यू बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव करने जा रही है.

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