बालासोर: ओडिशा के बालासोर जिले में एक परिवार ने मामला दर्ज कराने के लिए महिला के शव को साइकिल पर लेकर लगभग 15 किलोमीटर तक थाने गया और वहां धरने पर बैठना पड़ा. पीड़ित परिवार ने महिला की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की.
न्याय की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को मंगलवार को खैरा पुलिस स्टेशन के सामने चार घंटे तक धरना देना पड़ा. परिवार ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की. यह घटना खैरा पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई, जहाँ 10 मई को हरिपुर गाँव में कमला सेठी की कथित हमले के बाद मौत हो गई.
परिवार के अनुसार सुरेंद्र सेठी के घर पर तब हमला हुआ जब वे अपने घर की छत हटाने की कोशिश कर रहे थे. हमले के दौरान, कमला सेठी की मौत हो गई, जबकि परिवार की एक और सदस्य, शकुंतला सेठी, गंभीर रूप से घायल हो गई और अभी कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है.
पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में एक महिला को हिरासत में लिया और कहा है कि जांच जारी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं. गिरफ्तारी में देरी से निराश, कमला के परिवार ने आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की, जिसे वे उसकी मौत के लिए जिम्मेदार मानते हैं.
परिवार कमला के शव को साइकिल पर लगाए गए बांस बल्ली के सहारे हरिपुर से खैरा पुलिस स्टेशन ले गये. वहां पहुंचने पर उन्होंने शव को पुलिस स्टेशन के सामने रख दिया और लगभग चार घंटे तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा. विरोध प्रदर्शन के दौरान मृतक के दोस्त बिमल सेठी ने कार्रवाई न होने पर गुस्सा जताया. उन्होंने कहा, ‘तीन दिनों से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
शव सड़ रहे हैं. घटना गांव वालों और गवाहों के सामने हुई. खैरा पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ पहले से ही 22 केस दर्ज हैं. ऐसे में उन्होंने फिर भी हमारे लोगों को मार डाला. इसलिए हम शव को साइकिल पर यहां लाए हैं.’ विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद बालासोर के पुलिस अधीक्षक प्रत्यूष दिबाकर खैरा पुलिस स्टेशन पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और परिवार के सदस्यों से बातचीत की.
दिबाकर ने कहा, ‘शिकायतकर्ता परिवार ने लिखकर अपनी मांगें दी हैं. उनकी मुख्य मांगें आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और घटना से जुड़े जमीन के झगड़े का हल है. हालांकि जमीन का मामला खैरा तहसीलदार सुलझाएंगे, हम उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.’
एसपी और स्थानीय अधिकारियों से भरोसा मिलने के बाद, परिवार के सदस्यों ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया और घर लौट गए. पुलिस ने कहा कि वे जांच पर नजर रख रहे हैं और उम्मीद जताई कि इलाके में शांति बनी रहेगी.

