“ट्रिपल इंजन नहीं, ट्रिपल फेल सरकार” — कोतवाली धरने पर कांग्रेस का हमला, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

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सिटी कोतवाली के बाहर धरना बना राजनीतिक मुद्दा, सत्ता पर विपक्ष का सीधा वार

रायगढ़ में सिटी कोतवाली के बाहर हुए धरने को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “ट्रिपल इंजन सरकार” का मॉडल अब पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उनके मुताबिक, जिस सरकार के अपने जनप्रतिनिधि ही न्याय के लिए थाने के बाहर बैठने को मजबूर हों, वहां कानून व्यवस्था की स्थिति खुद बयां हो जाती है।


पार्षद से मारपीट का मामला, कार्रवाई में ढिलाई के आरोप

मामला वार्ड नंबर 31 की भाजपा पार्षद त्रिनिषा चौहान और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है, जो एक शादी समारोह के दौरान हुई। पीड़ित पक्ष ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में रायगढ़ महापौर और भाजपा पार्षदों को थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।


“भाजपा का ट्रिपल इंजन अब अव्यवस्था का प्रतीक” — दीपक मंडल

दीपक मंडल ने कहा कि भाजपा का तथाकथित ट्रिपल इंजन अब विकास नहीं, बल्कि अव्यवस्था और प्रशासनिक पंगुता का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का डर खत्म हो गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।


निष्पक्ष जांच की मांग के साथ प्रशासन पर दबाव के आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि शादी समारोह में हुई घटना एक पक्षीय है या द्विपक्षीय, यह जांच का विषय है, लेकिन पुलिस को निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव में आकर कार्रवाई करना न्याय व्यवस्था को कमजोर करता है।


“सुशासन नहीं, दुशासन का दौर” — सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल

दीपक मंडल ने अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार अब “सुशासन” की बजाय “दुशासन” का प्रतीक बन चुकी है। उनके अनुसार, जब जनप्रतिनिधियों को ही सड़क पर उतरकर न्याय मांगना पड़े, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।


धरने से बढ़ी सियासी गर्मी, कानून व्यवस्था पर बहस तेज

रायगढ़ में सिटी कोतवाली के बाहर हुआ यह धरना अब कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं इस पूरे मामले ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


 

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