नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई है। हालांकि, इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की जांच आवश्यक है।
बताया जा रहा है कि इस्तीफे के बाद इसे प्रदर्शन कर रहे संगठन की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है।
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। इस विधेयक को संसद में पेश किए जाने की संभावना जताई गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
धर्मेंद्र प्रधान ने गिनाईं सरकार की पहल
इस्तीफे के कथित पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह चार दशक से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था देश के विकास की आधारशिला है।
उन्होंने NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के कदम उठाए गए और भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया।
छात्रों के हित को प्राथमिकता देने का दावा
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से आयोजित करना रही। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी रही।




