NEET पेपर लीक मामले ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. कुलकर्णी के अलावा अन्य सब्जेक्ट से जुड़े लोगों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है क्योंकि कुलकर्णी केमिस्ट्री का ही जानकार है.
NEET पेपर लीक मामले ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के मुताबिक पेपर लीक मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारियां होंगी. ऐसे में अब NTA के पेपर प्रकिया से जुड़े लोगों की अगली गिरफ़्तारी होने की संभावना है.
सीबीआई की जांच के बाद एक बड़े नाम का खुलासा हुआ है, जिसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. आरोपी का नाम पीवी कुलकर्णी है. आरोप है कि उसने परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए पेपर लीक और नकल से जुड़ा एक नेटवर्क तैयार किया.
लातूर से पकड़े गए कुलकर्णी के अलावा अन्य सब्जेक्ट से जुड़े लोगों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है क्योंकि कुलकर्णी केवल केमिस्ट्री का ही जानकार है बाक़ी सब्जेक्ट के सवालों को किसने उपलब्ध कराया, इसे लेकर जांच जारी है. सीबीआई ने उन सभी 50 लोगों की सूची NTA से ले ली है जो पेपर बनाने, छपवाने व सेन्टर पर जारी करने में शामिल थे.
NTA से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच तेज
सीबीआई की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी जो कि मूल रूप से लातूर का रहने वाला है. वो NTA की ओर से परीक्षा प्रक्रिया लंबे समय में चला आ रहा है, जिसके कारण उसकी पहुंच सीधे प्रश्नपत्रों तक थी. कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में बतौर केमेस्ट्री प्रोफेसर कार्यरत रहा था और वो अब रिटायर हो चुका है. आरोपी मनीषा वाघमारे से पूछताछ के बाद सीबीआई कुलकर्णी तक पहुंची.
जांच में क्या पता चला
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क अकेले एक व्यक्ति की ओर से नहीं चलाया जा रहा था, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. ऐसे में जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा था, जो परीक्षा से पहले ही छात्रों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाने की कोशिश करता था. इसी वजह से अब नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.


