National News: जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस

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याचिका पर मांगा जवाब; सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया—समिति की सिफारिश पर लिया गया था फैसला

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में सुनवाई करते हुए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि पहले संबंधित पक्षों का जवाब आने दिया जाए। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

जंतर-मंतर की जगह तीन अन्य स्थल किए गए चिह्नित

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने हाल ही में आदेश जारी कर विरोध-प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर के स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड, शाहदरा को चिह्नित किए जाने की जानकारी दी थी। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के निर्णय को चुनौती दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि संबंधित पक्षों को अपना जवाब देने का अवसर दिया जाना चाहिए। जवाब संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में कानून के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे।

समिति की सिफारिश पर लिया गया फैसला

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला एक समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया था। अब इस फैसले पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है जंतर-मंतर

दिल्ली के मध्य स्थित जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं। जंतर-मंतर को सूची से हटाने के फैसले ने प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित स्थलों और विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

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