इज्जत नगर मेकॉन कॉलोनी, डोरंडा में प्रातः 10:30 बजे से आरंभ हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह साहित्य सम्मान समारोह गरिमामय उपस्थिति और सांस्कृतिक ऊर्जा के साथ संपन्न
इज्जत नगर मेकॉन कॉलोनी, डोरंडा (रांची) में आयोजित ‘अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह साहित्य सम्मान सह विद्या वाचस्पति मानद सम्मान सह होली मिलन समारोह’ का भव्य समापन साहित्यिक गरिमा और राष्ट्रीय एकात्मता के भाव के साथ हुआ। प्रातः 10:30 बजे दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। आयोजन स्थल पर साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और रचनाकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक आयाम प्रदान किया।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को दिया राष्ट्रीय स्वरूप
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. कमल वर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, संत जेवियर्स कॉलेज, रांची) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रतिमा प्रसाद कुमकुम (जमशेदपुर), मनीषा सहाय (रांची) तथा अनिता रश्मि (रांची) ने मंच की शोभा बढ़ाई। आयोजन की अध्यक्षता एवं संयोजन डॉ. सुबोध कुमार भारती (प्रधान संपादक एवं महासचिव) ने किया। मंच संचालन मधुमिता साहा द्वारा प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ, जिन्होंने स्वागत भाषण भी प्रस्तुत किया। काशी हिंदी विद्या पीठ के कुल सचिव इंद्रजीत तिवारी तथा पवन कुमार सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों की सहभागिता ने आयोजन को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया।
देशभर से आए रचनाकारों ने काव्य पाठ और प्रतियोगिताओं में दिखाई सृजनात्मक ऊर्जा
महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे साहित्यकारों ने काव्य पाठ, लघुकथा लेखन एवं अन्य साहित्यिक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में रेणुका झा, रिंकू वर्मा, मधुमिता साहा, शिखा गोस्वामी (मुंगेली, छत्तीसगढ़), रीमा कुमारी, ऋषि मिश्रा, पूजा उपाध्याय, अंजना सिन्हा, रेखा रमण, सीमा कुमार, बिंदु प्रसाद, रश्मि सिन्हा, मोनाशी प्रकाश, रिम्मी नाथ, संजय कुमार मिश्र, प्रफुल्लित प्रसाद एवं अर्चना रवि सहित अनेक रचनाकार शामिल रहे। विविध विधाओं में प्रस्तुत रचनाओं ने साहित्यिक गंभीरता और सामाजिक सरोकारों की प्रभावी अभिव्यक्ति की।
लघुकथा लेखन प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के युवा साहित्यकार जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव
आयोजन के अंतर्गत संपन्न लघुकथा लेखन प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के युवा साहित्यकार श्री जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी ने अपनी प्रभावशाली और संवेदनशील रचना के माध्यम से प्रथम स्थान अर्जित किया। उनकी लघुकथा में सामाजिक यथार्थ का सशक्त चित्रण, मानवीय मूल्यों की गहराई तथा जीवन के मार्मिक पक्षों की संतुलित प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया।
मंच से जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना के राष्ट्रीय मंच पर सशक्त उपस्थिति का प्रतीक बनी।
मार्गदर्शन को समर्पित की उपलब्धि, साहित्यिक एकता का संदेश बना समारोह
अपनी सफलता पर श्री जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी ने मुंगेली (छत्तीसगढ़) की आदरणीया शिखा गोस्वामी के मार्गदर्शन, विश्वास और सतत प्रेरणा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस उपलब्धि का श्रेय उन्हें समर्पित किया।
समारोह ने यह सिद्ध किया कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और राष्ट्रीय एकता का सशक्त सेतु है।
रांची के मंच से गूँजी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक आवाज ने यह स्पष्ट कर दिया कि शब्दों की शक्ति सीमाओं से परे जाकर इतिहास रचने की क्षमता रखती है।
