देश को मिला नया CDS: लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे तीनों सेनाओं की कमान का समन्वय

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​लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किए गए हैं। वे जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे और तीनों सेनाओं के बीच मुख्य समन्वय की भूमिका निभाएंगे।

भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। यह पद देश की तीनों सेनाओं- थल सेना, नौसेना और वायु सेना- के बीच बेहतर समन्वय और एकीकरण के लिए सर्वोच्च सैन्य पद माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई, 2026 को समाप्त होने जा रहा है। अपनी इस नई भूमिका में वे सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।

​शानदार सैन्य करियर और अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि का सैन्य करियर बेहद शानदार रहा है। दिसंबर 1985 में ‘गढ़वाल राइफल्स’ में कमीशन प्राप्त करने वाले जनरल सुब्रमणि ने लगभग 39 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा की है।

वे थल सेना के उप-प्रमुख (VCOAS) रह चुके हैं और लखनऊ स्थित मध्य कमान (Central Command) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर परिचालन संबंधी चुनौतियों की गहरी समझ है, जो वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​रणनीतिक पदों पर पकड़
सीडीएस नियुक्त होने से पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एम.फिल किया है।

वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्हें अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘परम विशिष्ट सेवा पदक’ (PVSM), ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ (AVSM), ‘सेना पदक’ और ‘विशिष्ट सेवा पदक’ (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

​नई चुनौतियों के लिए तैयार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों सेनाओं का ‘थिएटर कमांड’ में एकीकरण करना होगा। यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिससे युद्ध की स्थिति में तीनों सेनाएं एक साथ मिलकर प्रहार कर सकें।

इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ और स्वदेशी हथियारों की खरीद को बढ़ावा देना भी उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही, नौसेना के नेतृत्व में भी बदलाव हो रहा है, जहाँ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 31 मई से नए नौसेना प्रमुख की कमान संभालेंगे।

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