नंदेली स्वास्थ्य केंद्र ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन में दिखाई मजबूत तैयारी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार

Advertisement

रायगढ़। रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत के मार्गदर्शन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदेली में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत दो दिवसीय राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।

केंद्रीय मूल्यांकन टीम ने दो दिनों तक स्वास्थ्य सेवाओं की हर व्यवस्था को परखा

12 और 13 मई को राष्ट्रीय स्तर से पहुंचे केंद्रीय मूल्यांकनकर्ता डॉ. आशीष कुमार यादव और डॉ. शांतनु सेन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदेली का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का निर्धारित मानकों के आधार पर गहन परीक्षण किया गया। मूल्यांकन के दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक हर पहलू की बारीकी से जांच की गई।

छह महत्वपूर्ण विभागों की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर रहा विशेष फोकस

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, प्रयोगशाला, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा सामान्य प्रशासन सहित छह प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया गया। टीम ने संक्रमण नियंत्रण, रोगी सुरक्षा, स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, अपशिष्ट प्रबंधन और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया।

जिला और ब्लॉक स्तर की टीम ने समन्वय और मेहनत से संभाली जिम्मेदारी

मूल्यांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला स्तर पर रंजना पैंकरा और डॉ. राजेश मिश्रा सहित स्वास्थ्य अधिकारियों ने समन्वय किया। वहीं कोड़तराई, पुसौर और अन्य क्षेत्रों से जुड़े स्वास्थ्य कर्मचारियों और मैदानी टीमों ने तैयारियों को अंतिम रूप देने में सक्रिय योगदान दिया।

स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी की रही सक्रिय भागीदारी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदेली के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स, मितानिन टीम, जीवनदीप समिति के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई। मूल्यांकन के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने के लिए टीम लगातार मुस्तैद नजर आई।

राष्ट्रीय प्रमाणन से ग्रामीण मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद

इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ नंदेली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही स्वच्छ वातावरण, समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी। इससे जिला अस्पतालों और निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। नंदेली स्वास्थ्य केंद्र की यह पहल जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

Share This Article