मुंगेली, 13 अप्रैल छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दो वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच शुरू कर दी है।
अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पहुंची टीम
घटना 10 अप्रैल 2026 की रात खुड़िया वन परिक्षेत्र के सरगढ़ी परिसर की है। वन विभाग को भुक्खुनाला क्षेत्र में अवैध रेत खनन की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर वन रक्षक अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ और देवेंद्र बघेल सहित टीम मौके पर पहुंची, जहां एक रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ा गया। मौके पर चालक राजकुमार यादव को हिरासत में लिया गया।
घात लगाकर किया गया हमला
कार्रवाई के दौरान कुछ वाहन मौके से भाग निकले। जब टीम लौटने लगी, तभी भुक्खुनाला के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
पहले विवाद और गाली-गलौज हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हमले में बदल गई। आरोप है कि भीड़ ने वनकर्मियों को घेरकर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से हमला किया और कुछ समय के लिए बंधक भी बना लिया।
दो वनकर्मी गंभीर रूप से घायल
हमले में वन रक्षक अभिषेक बर्मन के सिर, माथे और सीने में गंभीर चोटें आईं। वहीं योगेश बरेठ के हाथ, पैर, गर्दन और आंख के पास चोटें दर्ज की गईं। अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।
स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप कर टीम को सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पताल में भर्ती, एक की हालत नाजुक
घायलों को तत्काल लोरमी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल अभिषेक बर्मन को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।
प्रशासन सख्त, FIR दर्ज
घटना के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।
बढ़ते माफिया के हौसले पर उठे सवाल
यह घटना क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है, जहां सरकारी टीम पर ही हमला कर दिया गया।
अब प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध खनन पर नियंत्रण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
