बालोद : बालोद जिला में इन दिनों अतिक्रमण का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है. संजारी बालोद से विधायक संगीता सिन्हा ने विधानसभा में बीजेपी नेताओं पर कब्जे के आरोप लगाने के बाद अब बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू ने विधायक के परिवार पर ही शासकीय भूमि पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने गुरूर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
विधायक के परिवार पर लगे आरोप
दुर्गानंद साहू ने आरोप लगाया है कि विधायक के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उनके भाई और भतीजों ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया है. शिकायत में ग्राम बोड़रा के खसरा नंबरों का हवाला देते हुए बताया गया है कि अलग-अलग स्थानों पर दुकान और मकान बनाकर कब्जा किया गया है. साहू का कहना है कि इन अतिक्रमणों के कारण ग्रामीणों की निस्तार भूमि प्रभावित हो रही है, जिससे आम लोगों को आवागमन और सार्वजनिक उपयोग में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बीजेपी नेता ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
विधानसभा से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब विधायक संगीता सिन्हा ने विधानसभा सत्र के दौरान बीजेपी नेता प्रदीप साहू के मकान को अतिक्रमण बताते हुए सरकार को घेरा था. उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि नोटिस जारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई. अब बीजेपी ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर विधायक के परिवार को घेरते हुए इसे जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश किया है.
प्रशासन की भूमिका पर नजर
मामले के तूल पकड़ने के बाद तहसील प्रशासन ने नियमानुसार जांच का आश्वासन दिया है. बीजेपी नेता ने मांग की है कि संबंधित पटवारी से प्रतिवेदन लेकर आरोपितों के खिलाफ अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज कर बेदखली की कार्रवाई की जाए. इस हाई-प्रोफाइल विवाद के सामने आने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर पाता है या यह विवाद भी केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाता है.
