रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के रायपुर स्थित सीएम हाउस में गुरुवार देर रात करीब सवा बजे तक चली महत्वपूर्ण बैठक को लेकर प्रदेश की सियासत में हलचल बनी रही। मंत्रियों को अचानक सीएम हाउस बुलाए जाने की सूचना के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं, हालांकि बैठक के बाद सभी चर्चाओं पर विराम लग गया।
रात 9 बजे शुरू हुई बैठक, कई अहम मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों को शाम को ही सीएम हाउस में बैठक की सूचना दी गई थी, जिसके बाद वे एक-एक कर वहां पहुंचे। बैठक रात 9 बजे शुरू हुई, जिसमें भाजपा संगठन मंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद रहे।
संगठन और सरकार के समन्वय पर फोकस
बैठक में मुख्य रूप से सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, जनप्रतिनिधियों के कार्यों की समीक्षा और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। इसके अलावा सांसदों और विधायकों को दिए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा हुई।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें खारिज
बैठक देर रात तक चलने से राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं, लेकिन बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया कि ऐसी सभी चर्चाएं निराधार हैं।
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति
मंत्रियों ने बताया कि बैठक में केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल और उसकी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत किया जाएगा।
सीएम हाउस की इस देर रात बैठक को लेकर उठी तमाम अटकलों पर सरकार और संगठन दोनों ने विराम लगाते हुए इसे सामान्य समन्वय बैठक बताया है।




