आमाडोब गांव से अभियान की शुरुआत, जल संरक्षण और स्वच्छता पर दिया गया विशेष जोर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम)। जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता के मार्गदर्शन में ‘पीएम जनमन योजना’ के तहत चयनित ग्रामों में ग्रामीणों को जल संरक्षण और उसके महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत गौरेला विकासखंड के ग्राम आमाडोब से की गई।

भीषण गर्मी और जल संकट से निपटने की तैयारी, ग्रामीणों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आने वाले गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट से निपटना और दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देना है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि जल का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग ही भविष्य की सुरक्षा का आधार है।

घर-घर जल संरक्षण तकनीक का प्रशिक्षण, सोक पिट और किचन गार्डन पर जोर
अभियान के दौरान ग्रामीणों को घरों में किचन गार्डन विकसित करने, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पंचायत स्तर पर सोक पिट (सोखता गड्ढा) निर्माण की जानकारी दी गई। इन उपायों से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं को दी गई विशेष ट्रेनिंग, FTK किट से पानी जांचना सिखाया गया
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पानी की शुद्धता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीक ग्रामीण स्तर पर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और जल जनित रोगों से बचाव में मदद करेगी।
अधिकारियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी, समस्याओं के समाधान का आश्वासन
इस अवसर पर ग्राम सरपंच सुरंजना, उप अभियंता एन.एस. कंवर, जिला समन्वयक चंचल सिंह और टेकेश्वर कन्नौजे, लैब केमिस्ट अजय यादव, मंगल प्रसाद राठौर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल, भविष्य की सुरक्षा पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए। ग्रामीणों की भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधन सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
