गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान, विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके

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रिपोर्ट अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर छत्तीसगढ़
20/08/26

बिलासपुर। राज्य स्तर पर 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।

आईजी ने विद्यार्थियों को किया जागरूक

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लोगों की जीवनभर की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में हड़प लेते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान मोबाइल एप्लीकेशन या APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की समझाइश दी।

आईजी ने विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता की सेल्फी लेकर उसे WhatsApp, Instagram और Facebook स्टेटस पर साझा करने तथा बिलासपुर पुलिस को फॉलो करने की अपील की, ताकि वे स्वयं साइबर सुरक्षित बनने के साथ अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकें।

एसएसपी ने कहा—सुविधा के साथ दुविधा भी

उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय की गंभीर समस्याओं में से एक है। मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही व्यक्ति को साइबर अपराध का शिकार बना सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर सूचना दें और पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

Mobiarmor ऐप की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Mobiarmor ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यह ऐप मोबाइल में संभावित खतरे वाले ऐप और फाइलों के संबंध में सतर्क करने में मदद करता है। विद्यार्थियों से सुरक्षित रहने के साथ-साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।

गूगल फॉर्म के जरिए ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी

साइबर जागरूकता को और प्रभावी बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस की ओर से एक अनोखी पहल की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और बचाव से संबंधित जानकारी पढ़कर वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। पुलिस ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों से इसमें भाग लेने की अपील की।

जिले के थाना और चौकी स्तर पर भी अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि साइबर जागृति अभियान बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना और चौकी क्षेत्र में भी चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे मौजूद

कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस गगन कुमार सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

सतर्क रहें, जागरूक रहें — बिलासपुर पुलिस।

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