मरवाही उप पंजीयक कार्यालय में बड़ा खेल!, रजिस्ट्री के बाद महीनों तक नहीं होता पंजीयन, सरकारी राजस्व रोक निजी फायदे के आरोप

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। मरवाही उप पंजीयक कार्यालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। सब रजिस्टार प्रभारी उप पंजीयक मरवाही आशुतोष अग्रवाल पर आरोप है कि वे रजिस्ट्री होने के बाद समय पर पंजीयन प्रक्रिया पूरी नहीं करवाते और रसीद काटने में जानबूझकर देरी करते हैं। सूत्रों के अनुसार इससे शासन को तत्काल मिलने वाला राजस्व प्रभावित होता है, जबकि संबंधित राशि का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए किए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।

जानकारी के अनुसार सह पंजीयक गौरेला कार्यालय से जुड़े अधिकारी 31 मार्च 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक तथा 1 मई 2026 से 10 मई 2026 तक अनुपस्थित रहे। इस दौरान कई दस्तावेजों के पंजीयन लंबित रहने की शिकायतें सामने आईं। आरोप है कि रजिस्ट्री होने के बावजूद आम नागरिकों को समय पर पंजीयन प्रमाण और रसीद उपलब्ध नहीं कराई जाती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रजिस्ट्री के तुरंत बाद रसीद काट दी जाए तो शासन को समय पर राजस्व प्राप्त हो सकता है, लेकिन देरी के कारण सरकारी व्यवस्था को नुकसान उठाना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि उप पंजीयक कार्यालय में यह प्रक्रिया जानबूझकर लंबी खींची जाती है ताकि संबंधित राशि से निजी लाभ लिया जा सके।

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं पंजीयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े वित्तीय अनियमितता के रूप में सामने आ सकता है।

मुख्य बिंदु
◆ रजिस्ट्री के बाद समय पर नहीं हो रहा पंजीयन
◆ रसीद काटने में एक माह तक की देरी के आरोप
◆ शासन को राजस्व नुकसान होने की आशंका
◆ निजी लाभ हेतु राशि उपयोग किए जाने की चर्चा
◆ जांच और कार्रवाई की उठी मांग

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