बिलासपुर में संदिग्ध विदेशी नागरिकों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 23 को रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजा

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

सिरगिट्टी क्षेत्र में दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आए संदिग्ध मामले, सत्यापन तक निगरानी में रहेंगे

बिलासपुर। बिना वैध दस्तावेजों के भारत में निवास कर रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों और अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बिलासपुर पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। राज्य शासन के निर्देशों के बाद चलाए जा रहे इस अभियान में सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से 23 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर प्रारंभिक जांच की गई। दस्तावेज और राष्ट्रीयता का सत्यापन पूरा होने तक सभी को 4 सितंबर को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है।

पुलिस अब इन व्यक्तियों की पहचान, मूल निवास और भारत में प्रवेश से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए बिलासपुर पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पश्चिम बंगाल तक पहुंची है।

एएसपी के नेतृत्व में सात निरीक्षकों की विशेष टीम गठित

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में सात निरीक्षकों की विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। टीम को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों के निवास, पहचान पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे कई लोगों की पहचान की, जिनके दस्तावेजों की प्रमाणिकता को लेकर संदेह सामने आया।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक पहुंची जांच

दस्तावेजों की वास्तविकता और संदिग्ध व्यक्तियों के मूल स्थान की जानकारी जुटाने के लिए STF की टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों और सीमावर्ती थाना प्रभारियों के साथ समन्वय कर जांच आगे बढ़ाई गई।

पुलिस टीम ने सीमा पार से भारत में प्रवेश के संभावित रास्तों, संदिग्ध व्यक्तियों के मूल पते और बिलासपुर में उनके ठहरने से जुड़े नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई है।

23 संदिग्धों को भेजा गया होल्डिंग सेंटर

प्रारंभिक जांच में संदिग्ध दस्तावेज पाए जाने के बाद सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रह रहे 23 व्यक्तियों को 4 सितंबर को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, इनकी राष्ट्रीयता और मूल पते का सत्यापन पूरा होने तक उन्हें निगरानी में रखा जाएगा।

सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

पहले भी हो चुकी है निर्वासन की कार्रवाई

बिलासपुर पुलिस द्वारा इससे पहले भी संदिग्ध विदेशी नागरिकों के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। तोरवा थाना क्षेत्र से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर, निवासी जिला जशोर, बांग्लादेश के विरुद्ध 12 जुलाई 2025 को क्विट इंडिया के तहत निर्वासन की कार्रवाई की गई थी।

इसी तरह तोरवा क्षेत्र में बांग्लादेश की एक नाबालिग बालिका के अपहरण से जुड़े अपराध क्रमांक 122/2025 में आरोपी हृदय कुमार शर्मा को जेल भेजा गया था। न्यायालयीन आदेश के बाद उसे डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के तहत रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने पुलिस ने जारी किया नंबर

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि उनके आसपास यदि कोई व्यक्ति बिना वैध पहचान दस्तावेजों के रह रहा हो या उसके दस्तावेज और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हों, तो इसकी सूचना पुलिस को दें।

जनता की सुविधा और सूचना की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है।

जांच का दायरा बढ़ा, नेटवर्क की भी हो रही पड़ताल

बिलासपुर पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और उनके दस्तावेजों का सत्यापन करना है। STF की पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच से अब उनके मूल स्थान, भारत में प्रवेश और स्थानीय स्तर पर रहने की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन और जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

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