नई दिल्ली । अमेरिकी टेक कंपनी Oracle ने पिछले एक साल में सबसे बड़ी छंटनी करते हुए वैश्विक स्तर पर करीब 30 हजार कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारत में देखने को मिला है, जहां लगभग 12 हजार कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह 5 से 6 बजे के बीच ईमेल के जरिए नौकरी समाप्ति की जानकारी दी गई। इसके तुरंत बाद उनका सिस्टम एक्सेस भी बंद कर दिया गया, जिससे कई कर्मचारियों को स्थिति संभालने का मौका नहीं मिला।
मुनाफे में होने के बावजूद बड़ा फैसला
हैरानी की बात यह है कि कंपनी किसी वित्तीय संकट में नहीं है। Oracle के संस्थापक Larry Ellison की कंपनी का मार्केट वैल्यू लगभग 400 बिलियन डॉलर बताया जा रहा है और हाल ही में कंपनी ने 22 प्रतिशत आय वृद्धि भी दर्ज की है।
AI बना छंटनी की मुख्य वजह
कंपनी ने इस बड़े बदलाव के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश को प्रमुख कारण बताया है। बताया जा रहा है कि कंपनी अपने संसाधनों को AI आधारित सिस्टम और क्लाउड टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से शिफ्ट कर रही है, जिसके चलते पारंपरिक भूमिकाओं में कटौती की जा रही है।
वर्कफोर्स में बड़ी कटौती की योजना
सूत्रों के अनुसार, Oracle अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 18 प्रतिशत घटाने की योजना पर काम कर रही है। कुछ टीमों में 50 प्रतिशत तक स्टाफ कम किए जाने की भी खबरें हैं।
सेवरेंस पैकेज की घोषणा
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की घोषणा की है, जिसमें हर साल की सेवा पर 15 दिन का वेतन, एक महीने का नोटिस पे और दो महीने का अतिरिक्त वेतन शामिल है। साथ ही बची हुई छुट्टियों का भुगतान भी किया जाएगा।
टेक इंडस्ट्री में बढ़ती अनिश्चितता
Oracle की यह छंटनी पिछले एक साल में टेक सेक्टर की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक मानी जा रही है। इससे पहले भी Amazon, Microsoft और Intel जैसी बड़ी कंपनियां हजारों कर्मचारियों की कटौती कर चुकी हैं।
मानना है कि AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में रोजगार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ सकती है।


