महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल ₹8 और डीजल ₹5.16 महंगा, 15 दिन में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम

By
Advertisement
Advertisement

सरकार ने फिर बढ़ाए ईंधन के रेट, नई कीमतें आज सुबह से लागू—आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। यह पिछले 15 दिनों के भीतर दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू कर दी गई हैं।

इस फैसले के बाद देशभर में ईंधन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ने वाला है।


पेट्रोल ₹8 महंगा, नई कीमत ₹266.17 प्रति लीटर—निजी वाहन चलाना होगा और महंगा

सरकार द्वारा जारी नए रेट के अनुसार पेट्रोल की कीमत में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पेट्रोल का दाम ₹258.17 से बढ़कर ₹266.17 प्रति लीटर हो गया है।

पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से निजी परिवहन, छोटी कारों, ऑटो-रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है। ऐसे में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग पर पड़ने की आशंका है। दैनिक आवागमन करने वाले लोगों के लिए यात्रा का खर्च अब और बढ़ जाएगा।


डीजल ₹5.16 महंगा, माल ढुलाई और बस-ट्रक किराए में बढ़ोतरी की आशंका

सरकार ने हाई-स्पीड डीजल की कीमत में भी ₹5.16 प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई दर के बाद डीजल की कीमत ₹280.86 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

डीजल मुख्य रूप से ट्रकों, बसों, ट्रेनों और कृषि उपकरणों जैसे ट्रैक्टर और ट्यूबवेल में इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बस-ट्रक किराए में बढ़ोतरी और बाजार में सामानों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।


कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल का असर, सरकार ने दी सफाई

सरकार का कहना है कि ईंधन की कीमतों में यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और नियामक संस्था की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। यह फैसला अगले पखवाड़े तक लागू रहेगा, जिसके बाद फिर से कीमतों की समीक्षा की जाएगी।


महंगाई बढ़ने की आशंका, ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा व्यापक असर

डीजल की कीमत बढ़ने से कृषि और परिवहन क्षेत्र पर भी बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है। ट्रैक्टर, सिंचाई उपकरण और माल ढुलाई के लिए डीजल पर निर्भरता अधिक होने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा।

Advertisement
Share This Article