41 लाख का लोन दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, शिक्षिका से 28 लाख की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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सरगुजा जिले के थाना गांधीनगर पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपी पर शिक्षिका सहित कई लोगों को फर्जी स्कीम का झांसा देकर अलग-अलग बैंकों से भारी रकम का लोन स्वीकृत कराकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।

डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे आरोपियों की धरपकड़ अभियान के तहत गांधीनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की। मामले में आरोपी शिवशंकर दास को 27 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया।

फर्जी स्कीम दिखाकर शिक्षिका को जाल में फंसाया

पुलिस के अनुसार, प्रार्थिया दिव्या एक्का, जो राजपुर ब्लॉक में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं, घर निर्माण के लिए करीब 15 लाख रुपये का लोन लेना चाहती थीं। इसी दौरान उनके परिचित के माध्यम से अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप कंपनी के संचालक शिवशंकर दास से संपर्क कराया गया।

आरोपी और उसके सहयोगियों ने खुद को बैंक में अच्छी पकड़ रखने वाला बताते हुए पीड़िता को भरोसे में लिया। उन्हें एक कथित “विशेष स्कीम” के बारे में बताया गया, जिसमें कहा गया कि कंपनी लोन की पूरी EMI खुद भरेगी और लोन राशि का 60 प्रतिशत कंपनी में जमा करना होगा।

विश्वास दिलाने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़िता के दस्तावेज लेकर अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर करीब 41.08 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया।

अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए 28 लाख रुपये

लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपी और उसके साथियों ने पीड़िता पर लगातार दबाव बनाकर अलग-अलग खातों में कुल 28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में किश्त जमा करना बंद कर दिया गया और पूरा मामला धोखाधड़ी का निकला।

जांच में सामने आया कि आरोपी शिवशंकर दास ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इसी तरह अन्य 9 लोगों से भी करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।

क्रेशर घाटे में आने पर रची ठगी की साजिश

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह क्रेशर संचालन का काम करता है और व्यवसाय में नुकसान होने के कारण उसे पैसों की जरूरत थी। इसी वजह से उसने फर्जी स्कीम बनाकर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करना शुरू किया।

मामले में आरोपी शिवशंकर दास पिता राजू दास, उम्र 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर, जिला सरगुजा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका

पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सउनि अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह, सुल्तान अहमद सहित गांधीनगर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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