सीओ अयोध्या को बनाया गया सह विवेचक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना अब अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह को सौंप दी गई है। अब तक मामले की विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी कर रहे थे। उन्हें अब सह विवेचक बनाया गया है।
आईजी रेंज लखनऊ के नेतृत्व में SIT कर रही निगरानी
विवेचना का पर्यवेक्षण आईजी रेंज लखनऊ किरन एस के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। इस एसआईटी में अयोध्या डीआईजी सोमन बर्मा, एसएसपी अयोध्या गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार सिंह शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ बदलाव
चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल थीं, जिसके चलते विवेचना सीओ अयोध्या को सौंपी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर विवेचना कराने का आदेश दिया। इसके बाद शासन ने आईजी रेंज लखनऊ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की।
आरोपियों की संख्या बढ़ने के संकेत
फिलहाल मामले में नामजद आठ आरोपियों को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अज्ञात आरोपियों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। हालांकि एक बड़े नाम की चर्चा लगातार हो रही है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी इस नाम का प्रमुखता से उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार आगे एक-दो और नाम मामले में शामिल किए जा सकते हैं।
पहली SIT की जांच भी जारी
दूसरी एसआईटी के गठन के बावजूद पहली एसआईटी की जांच जारी है। पहली एसआईटी की जिम्मेदारी चढ़ावा चोरी की घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करना है, जबकि दूसरी एसआईटी के तहत विवेचना को बेहतर और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
जल्द शासन को सौंपी जाएगी पहली SIT की रिपोर्ट
लखनऊ मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित पहली एसआईटी की विस्तृत जांच भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपे जाने की संभावना है।




