रायपुर: नंदनवन पक्षी विहार में तैनात संयुक्त वनमंडलाधिकारी (SDO) पर रेंजर हिमांचल साहू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रेंजर ने वनमंत्री के नाम पर वसूली करने और फर्जी बिल पास कराने का दबाव बनाने की शिकायत रायपुर के प्रभारी डीएफओ मयंक पांडेय से की है।
मंत्री के नाम पर वसूली का दबाव, फर्जी बिल पास कराने के आरोप
शिकायत में रेंजर ने आरोप लगाया है कि उन पर फर्जी बिल तैयार कर भुगतान कराने का दबाव बनाया गया। साथ ही यह भी कहा गया है कि SDO द्वारा वनमंत्री के नाम का हवाला देकर पैसों की मांग की गई और वसूली का दबाव बनाया गया।
“ईमानदारी चाहिए तो टीचिंग कर लो” जैसी टिप्पणी का आरोप
रेंजर ने अपनी शिकायत में मानसिक प्रताड़ना का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि जब उन्होंने नियमों के अनुसार कार्य करने की बात कही तो उन्हें अपमानजनक टिप्पणी का सामना करना पड़ा। शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने कहा—“अगर इतनी ईमानदारी से काम करना है तो टीचिंग की नौकरी कर लो।”
फाइलें रोकने और काम प्रभावित करने के भी आरोप
रेंजर ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यालयीन फाइलें और पत्र समय पर आगे नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई बार घंटों इंतजार करने की स्थिति बनती है, जिससे फील्ड निरीक्षण और परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित
मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी है। प्रभारी डीएफओ मयंक पांडेय ने बताया कि आरोपों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


