रायगढ़। जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी और पशु क्रूरता पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 27 जून को की गई कार्रवाई में झारखंड के बूचड़खाने ले जाए जा रहे 7 गौवंशों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक बोलेरो पिकअप वाहन में गौवंशों को अवैध रूप से भरकर झारखंड के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सोनाजोरी–बरदरहा जंगल मार्ग पर नाकेबंदी कर दी।
वाहन छोड़कर जंगल में भागा चालक
कुछ समय बाद संदिग्ध बोलेरो पिकअप मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही वाहन चालक ने वाहन वहीं छोड़ दिया और जंगल के रास्ते फरार हो गया।
पुलिस ने आसपास इलाके में काफी तलाश की, लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल सका।
अमानवीय हालत में मिले 7 गौवंश
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को अंदर 5 गाय और 2 बछड़े सहित कुल 7 गौवंश मिले, जिन्हें बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसकर रखा गया था। सभी पशु भूखे-प्यासे और गंभीर स्थिति में पाए गए।
कुल 3.35 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस ने मौके पर गवाहों की मौजूदगी में—
- 7 गौवंश (अनुमानित कीमत लगभग ₹35,000)
- बोलेरो पिकअप वाहन (लगभग ₹3 लाख)
कुल मिलाकर ₹3.35 लाख की संपत्ति जब्त की है।
अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अधिकारियों की भूमिका
यह कार्रवाई धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।
टीम में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक एडमोन खेस, नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा और अभय मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




