महासमुंद : ग्रामीणों ने घेराबंदी कर जंगली सुअर का मांस बेच रहे दो शिकारियों को पकड़ा, वन विभाग के हवाले किया

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पिथौरा के ग्राम जर्रा में ग्रामीणों की सतर्कता से अवैध शिकार का खुलासा, आरोपियों के कब्जे से जंगली सुअर का मांस और धारदार कत्ता जब्त; पहले भी वन्यजीव शिकार के मामलों में दर्ज हैं प्रकरण।

पिथौरा/महासमुंद। वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ ग्राम जर्रा के ग्रामीणों की सजगता से वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर जंगली सुअर का शिकार करने और उसका मांस बेचने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से जंगली सुअर का मांस और शिकार में इस्तेमाल किया गया धारदार कत्ता भी जब्त किया है।

ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़े दोनों आरोपी

मामला पिथौरा वन परिक्षेत्र के जर्रा गांव का है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों को गांव में जंगली सुअर का अवैध शिकार कर उसका मांस बेचने की जानकारी मिली थी। इसके बाद ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और दो संदिग्धों को मौके पर ही पकड़ लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान जर्रा निवासी रोहित चेरकिया और प्रसन्न सुसकिया के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने दोनों को वन विभाग के हवाले कर दिया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

पहले भी शिकार के मामलों में सामने आ चुके हैं नाम

जांच के दौरान सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर पहले भी वन्यजीवों के शिकार में संलिप्त रहे हैं। इनके खिलाफ पूर्व में गौर (वनभैंसा) और जंगली सुअर के शिकार से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि यह इनसे संबंधित तीसरा शिकार प्रकरण है।

शिकार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटा वन विभाग

ग्रामीणों की सूचना और कार्रवाई के बाद वन विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है। जब्त मांस और शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। विभाग अब इस अवैध शिकार में शामिल अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगा है। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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