पत्रकारों ने मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी जोरदार मांग

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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Basti जिले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने मंडलायुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की प्रमुख मांग, हमलों से संरक्षण की अपील

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग देश में एक सशक्त और कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की रही। पत्रकारों का कहना है कि फील्ड में कार्य करते समय उन्हें कई बार जोखिम और हमलों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में एक प्रभावी कानून उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाएगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की मांग, पत्रकारों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय की अपेक्षा

पत्रकारों ने मांग की कि उनके खिलाफ होने वाले हमलों, धमकियों और उत्पीड़न के मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई हो और पीड़ित पत्रकारों को जल्द न्याय मिल सके।

मुकदमा दर्ज करने से पहले उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य करने की मांग

ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी मामले में मुकदमा दर्ज करने से पहले उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य की जाए। इससे गलत और आधारहीन आरोपों से पत्रकारों को सुरक्षा मिलेगी और वे निष्पक्ष रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा की मांग, परिवारों को राहत देने की अपील

पत्रकारों ने फील्ड में कार्यरत पत्रकारों के लिए अनिवार्य बीमा योजना लागू करने की मांग की। साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने की बात कही गई। इसे पत्रकारों की वित्तीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया गया।

विशेष सुरक्षा बल, प्रशिक्षण और शिकायत निवारण प्रणाली की भी उठी मांग

ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा बल के गठन की मांग भी की गई। इसके अलावा पत्रकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने, एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की भी बात रखी गई।

सम्मान और सहायता कोष की मांग, पत्रकारों के प्रोत्साहन पर जोर

पत्रकारों ने एक विशेष सम्मान कार्यक्रम शुरू करने की मांग की, जिसमें उनके कार्यों को सराहा और सम्मानित किया जाए। साथ ही एक सहायता कोष स्थापित करने की भी मांग की गई, जिससे जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

पत्रकार संगठनों की एकजुटता, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने वालों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर बढ़ते हमले चिंता का विषय हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर जोर, प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि

पत्रकारों ने कहा कि उनके हितों की अनदेखी लोकतंत्र के लिए खतरा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि उनकी मांगों पर उचित और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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