रायपुर में जुटे प्रदेशभर के जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, संगठन को मजबूत बनाने और अधिकारों की लड़ाई पर बनी रणनीति

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प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का फैसला, पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को मिलेगा साझा मंच

रायपुर। प्रदेश स्तरीय जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष संघ छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को रायपुर स्थित विमतारा सभागार में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान पंचायतों के संचालन, विकास कार्यों और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायतों के अधिकार, विकास कार्यों की स्वीकृति, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को साझा करते हुए उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।

पंचायत प्रतिनिधियों के विशाल प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आगामी दिनों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी जनपद पंचायत सदस्यों का विशाल प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का रहा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

बैठक में चर्चा हुई कि सम्मेलन के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं, अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को एक साझा मंच पर उठाया जाएगा। साथ ही शासन और प्रशासन के समक्ष पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को संगठित रूप से रखने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

अधिकारों की मजबूती और विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष जोर

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के हितों की रक्षा तथा उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत बनाने के लिए संगठन स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी।

इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शासन-प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।

पंचायत राज व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए एकजुट हुए प्रतिनिधि

बैठक के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पंचायत राज व्यवस्था को सशक्त करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

सभी प्रतिभागियों ने ग्रामीण विकास, जनहित और स्थानीय स्वशासन से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संघर्ष और सहयोग की भावना के साथ कार्य करने का भरोसा जताया। बैठक को पंचायत प्रतिनिधियों की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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