बंदियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी सहायता की हुई समीक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूक करने के निर्देश
कोरबा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती नीता यादव की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट जेल विजिटर्स बोर्ड ने कटघोरा उपजेल का निरीक्षण किया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लेना था।
बैरक से लेकर रसोई और स्वास्थ्य केंद्र तक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल की बैरकों, रसोईघर, स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छता व्यवस्था सहित विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया। बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और पोषण संबंधी मानकों की जानकारी ली गई।
इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान बंदियों को मिल रही सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी अधिकारियों से ली गई।
लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली पर भी नजर
जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण दल ने यह जानकारी ली कि बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, अधिवक्ता उपलब्ध कराने और आवश्यक विधिक परामर्श की सुविधा किस प्रकार प्रदान की जा रही है।
अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी कानूनी समस्याओं और जरूरतों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की, ताकि पात्र बंदियों को आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीता यादव ने जेल अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को बंदियों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता नियुक्ति तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
‘कानूनी सहायता के लिए स्वयं को असहाय न समझें’
निरीक्षण के दौरान आयोजित संक्षिप्त विधिक जागरूकता शिविर में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बंदियों को बताया गया कि वे स्वयं को असहाय न समझें और न्याय तक पहुंच के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता का लाभ उठाएं।
पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद बंदियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारी और जेल स्टाफ रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा सुश्री मयूर गुप्ता, एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह, एसडीओ पीडब्ल्यूडी कटघोरा सी.के. पांडेय, सहायक जेल अधीक्षक कटघोरा डॉ. रश्मि, फार्मासिस्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तथा जेल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।




