इजरायल-ईरान युद्ध का असर छत्तीसगढ़ में: रेस्टोरेंट और होटल उद्योग में LPG संकट

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छत्तीसगढ़ में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब स्थानीय जनता और व्यापारियों पर दिखाई देने लगा है। युद्ध के चलते प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है। इसका सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है।

घरेलू उपभोक्ताओं पर असर

गैस कंपनियों ने घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई जारी रखते हुए 25 दिन के अंतराल का नियम लागू किया है। इसका मतलब है कि हर उपभोक्ता 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकता है। हालांकि घरेलू उपयोग जारी है, लेकिन व्यवसायिक उपयोग के लिए गैस की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को संकट में डाल दिया है।

होटल और रेस्टोरेंट पर संकट

राजधानी रायपुर में राजस्थानी रेस्टोरेंट RJ21 के संचालक सुरजाराम उपाध्याय ने बताया कि पहले उनके रेस्टोरेंट ग्राहकों से भरे रहते थे, लेकिन अब सिलेंडर न मिलने की वजह से उनकी स्पेशल डिश दाल बाटी चूरमा बन नहीं पा रही, जिसके कारण ग्राहक कम आने लगे हैं।

सुरजाराम ने कहा कि अगर सप्लाई न हुई तो मजबूरी में रेस्टोरेंट बंद करना पड़ेगा, जिससे वर्कर्स की नौकरी भी खतरे में आ जाएगी। हालाँकि ब्लैक मार्केट में सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन कीमतें 3,000–3,500 रुपये तक बढ़ गई हैं और इसकी स्थिरता का भरोसा नहीं है।

दूर-दराज इलाकों की स्थिति

रायपुर ही नहीं, बल्कि राजनांदगांव और अन्य इलाकों में भी कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति ठप है। होटल व्यवसायी देवेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि अगर सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही तो कुछ दिन बाद रेस्टोरेंट बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से कोटा सिस्टम या वैकल्पिक ईंधन जैसे कोयला और मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने की मांग की।

जनता की चिंता

आम लोग चिंता में हैं कि सिलेंडर कब तक उपलब्ध रहेगा।

अगर सप्लाई ठप रही तो बच्चों का पेट भरना और रोजमर्रा के कामकाज में मुश्किल होगी।

व्यापारियों की आमदनी प्रभावित हो रही है और नौकरी की सुरक्षा खतरे में है।


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