शातिर माफिया की नई चाल 3 मार्च की सुबह पकड़ाया तस्करी का मॉडिफाइड ट्रैक्टर। पुलिस को चकमा देने के लिए इंजन और बॉडी का खतरनाक मेल
कुड़ेकेला:- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ कहने को तो यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक संपदा और हरे हीरे जंगलों के लिए जाना जाता है। लेकिन इन दिनों धरमजयगढ़ का बोरो और संगरा क्षेत्र काले हीरे के अवैध कारोबार की कालिख से पुत चुका है। हैरानी की बात यह है कि बेखौफ माफिया जंगलों का सीना चीर रहे हैं!और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती व खानापूर्ति का खेल खेल रहे हैं।

हाल ही में संगरा के जंगलों में चैन माउंटेन पी सी मशीन लगाकर सरेआम कोयला निकाला जा रहा था। जब चर्चाएं चौक-चौराहों तक पहुंची, तो पुलिस और खनिज विभाग ने सक्रियता तो दिखाई, लेकिन वह केवल कागजों तक सीमित नजर आई। पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए मामले खनिज विभाग के पाले में डाल दी। अब खनिज विभाग ने हफ़्तों तक फाइल को राजस्व और वन विभाग के बीच घुमाया।

अंततः मशीन तो जब्त हुई, लेकिन मुख्य खिलाड़ी आज भी पकड़ से बाहर है।विभाग ने बोरो से लगभग 54 टन कोयला जप्त कर अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सूत्रों की मानें तो यह तो महज एक ट्रेलर था। सिसरिंगा, तेजपुर और लालमाटी जैसे क्षेत्रों में आज भी सैकड़ों टन अवैध कोयला खुदा पड़ा है।और जिसे माफिया थोड़ा थोड़ा कर धीरे धीरे ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं।कार्रवाई के डर से मैदान छोड़ने का नाटक करने वाले माफिया अब रात के अंधेरे में सक्रिय हैं।
बाहर से बुलाए गए ट्रेक्टर वाहनों के जरिए इस अवैध कोयले को स्थानीय ईंट भट्ठों में खपाया जा रहा है हाल ही में पुलिस द्वारा पकड़ी गई कोयला लोड ट्रैक्टर ट्रॉली इस बात का पुख्ता प्रमाण है। हालांकि, यहां भी पुलिस ने केवल चालक पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर मामले को शांत करने की कोशिश की है, जबकि असली आकाअब भी सुरक्षित है।आखिर किसके संरक्षण में बिना किसी डर के जंगलों के भीतर हैवी मशीनें चल रही है, क्या विभाग को वाकई बाकी जगहों पर डंप पड़े सैकड़ों टन कोयले की जानकारी नहीं है, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई है।
ट्रैक्टर चालक तो जेल चला गया, लेकिन उस कोयले का मालिक और उसे खरीदने वाला ईंट भट्ठा संचालक कानून की पहुंच से दूर क्यों है।लोगों के जहन में आज भी यह बात चुभ रही है कि धरमजयगढ़ में चल रहा यह खेल महज कोयले की चोरी नहीं, बल्कि प्रशासन की साख पर बट्टा है। यदि समय रहते अन्य संवेदनशील पॉइंट सिसरिंगा, तेजपुर, लालमाटी पर जप्ती की कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि तंत्र और माफिया के बीच का गठबंधन कितना गहरा है।
मामले के सम्बंध में थाना प्रभारी से जानने के लिए फोन लगाने पर थाना प्रभारी सीता राम के बिगड़े बोल खाकी का रौब या सच से डर कोयला तस्करी की जानकारी मांगी तो भड़के थाना प्रभारी, हफ़्ते भर पुराना बताया मामला। थाना स्टाप भगत से जानकारी लेने को कहा। जहाँ भगत जी द्वारा आवाज तेज होने की बात कह मामले की जानकारी बताने से परहेज किया गया।
