सारंगढ़, बिलाईगढ़ जिला
एसडीएम की पिछली कार्रवाई से थोड़ी राहत, लेकिन माफिया फिर सक्रिय
सारंगढ़ में एसडीएम वर्षा बंसल द्वारा अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई ने कुछ समय के लिए प्रशासन की साख बढ़ाई थी। उन्होंने एक साथ दस दस पोकलेन मशीनों को जप्त कर कार्रवाई का संदेश दिया था। लेकिन इसी कार्रवाई के तुरंत बाद खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गया और अवैध खनन तेज़ी से शुरू कर दिया।
खनन माफिया ने प्रशासनिक रोक के बावजूद जारी रखा अवैध उत्खनन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन माफिया ने रात-दिन खुलकर मिट्टी और पत्थर निकालना शुरू कर दिया। बिना प्रशासन की अनुमति और जप्त मशीनों को अपने बलपूर्वक ताला तोड़ कर पुनः खनन किया जा रहा है। इस दौरान विभागीय अधिकारियों की कोई कार्रवाई नजर नहीं आई।

सवाल उठे प्रशासनिक कार्रवाई की विश्वसनीयता पर
यह स्थिति सवाल खड़ा करती है कि आखिर क्यों जप्त मशीनें बिना चालान या वैधानिक कार्रवाई के रिलीज कर दी गईं। क्या अधिकारियों की मिलीभगत है या खनन माफिया अपने बल से अवैध खनन को फिर से शुरू कर रहा है, यह स्पष्ट नहीं है।
जनता में बढ़ा अविश्वास, कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोग बताते हैं कि इस घटना ने शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता पर गहरा असर डाला है। जहां एक तरफ कानून को मानने वाले लोग उम्मीद लगाते हैं कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होगी, वहीं दूसरी ओर खनिज माफिया खुलेआम संचालन कर रहा है।
एसडीएम से संपर्क नहीं, जिले की छवि प्रभावित
फोन के माध्यम से एसडीएम वर्षा बंसल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया। इस मामले ने पूरे जिले की प्रशासनिक छवि को प्रभावित किया है और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बन गया है।
खतरे की घंटी, कानून व्यवस्था और सुशासन पर सवाल
विशेषज्ञों और स्थानीय जनता का कहना है कि अगर कानून के रखवाले ही अवैध खनिज माफिया के खिलाफ कदम नहीं उठाते, तो आम जनता का प्रशासन पर भरोसा कम होता है। टिमरलगा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन लगातार बढ़ रहा है और इस संबंध में तत्काल प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
