शिक्षकों का सम्मान समाज की कृतज्ञता का प्रतीक, तपस्या सेवा समिति के समारोह में कांग्रेसजनों ने की सहभागिता

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रायगढ़ में सेवानिवृत्त एवं उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान, कांग्रेस नेताओं ने शिक्षक के योगदान को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह का आयोजन

रायगढ़। शिक्षक दिवस एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर तपस्या सेवा समिति के बैनर तले छह सितंबर को गौशाला पारा स्थित सामुदायिक भवन में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में रायगढ़ अंचल के सेवानिवृत्त एवं उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने भी सहभागिता निभाते हुए सम्मानित शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी : शाखा यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने ज्ञान, संस्कार और अनुशासन के माध्यम से पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए अमूल्य है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान उनके योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता है।

राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करते हैं शिक्षक : नगेन्द्र नेगी

नगेन्द्र नेगी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव उसके शिक्षकों द्वारा तैयार की जाती है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने तपस्या सेवा समिति की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह की सराहना की।

शिक्षक दिवस गुरुओं के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर : अनिल शुक्ला

अनिल शुक्ला ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि उन गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में समर्पित किया। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त एवं उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान रायगढ़ अंचल के सेवानिवृत्त एवं उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया गया। सम्मानित शिक्षकों में प्रकाश मिट, भुवनेश्वर पटेल, तरुण राठौर, रमेश चंद्रा, हर्ष सिंह, श्याम निवास, हेमंत कुमार निर्मलकर, मुकेश चटर्जी, नरेंद्र स्वर्णकार, घासीराम निषाद, महेंद्र परिहारी, विकास मिश्रा, नंदलाल तिवारी, दयाराम चौहान, जीवन प्रसाद पटेल, प्रदीप उपाध्याय, अनिल कुमार चौहान, श्वेता सिंह ठाकुर, हर्षा परमार, देवांशु पटवा, कुबेर माली, कन्हैया पटेल, सपना दुबे, धवल पटेल, शशि यादव, अनुजा पण्डा, स्वाति होता, नमिता त्रिपाठी, बेहरी थामस, सुलेखा पण्डा, प्रोफेसर अनुभा दुबे, रोशनी सिंह ठाकुर, सपना घोष, माधवी चक्रवर्ती, डॉ. मनीषा त्रिपाठी, रमीला यादव, सीता यादव, पूर्वी चटर्जी, नलिनी सिंह, नीतू ठेठवार, शबनम पांडेय, शबीना खान, शमा परवीन खान, ममता बंजारे, रजनी जवाहीर, पुष्पांजली पटवा, जानकी सिंह ठाकुर, लता बघेल, अनुराधा सिन्हा, कुमुदनी चौहान, प्रतिमा परिहारी, अपराजिता पटनायक और नंदिनी साहू सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल रहे।

कांग्रेसजन, शिक्षाविद् और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

समारोह में तपस्या सेवा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, कांग्रेसजन, शिक्षाविद् तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।

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