उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी

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विधायक धरमजीत सिंह बोले— “श्रमिक का पसीना राष्ट्र निर्माण की नींव”; साइडिंग को पूर्ण क्षमता से शुरू करने का ऐलान

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘श्रमोत्सव’ ने बिलासपुर के औद्योगिक परिदृश्य में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर हजारों श्रमिकों, ड्राइवरों और ट्रक मालिकों की उपस्थिति के बीच तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने वर्ष 2013 से बंद पड़े उसलापुर गुड्स शेड को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की घोषणा की।

विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने कहा कि उसलापुर रेलवे साइडिंग केवल एक लोडिंग पॉइंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक धुरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर शेड निर्माण, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा।
संरक्षक नरेश अग्रवाल ने श्रमिक एकता की ताकत पर बल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है—अधिकार संघर्ष से ही प्राप्त होते हैं।

अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल ने श्रमिकों को “रेलवे सैनिक” बताते हुए अनिवार्य दुर्घटना बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाओं की मांग रखी।
नेता जीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष का परिणाम है और अंतिम श्रमिक तक लाभ पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है।

एकता और भाईचारे का संदेश
हाजी सैयद राशिद अली ने कहा कि श्रमिक का पसीना धर्म से परे होता है और यही एकता क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
इम्तियाज अली (राजू नाज) ने श्रमिक एकजुटता को शोषण के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताते हुए हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया।

सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास की रूपरेखा
सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सदस्य डॉ. दीपक जायसवाल ने EPF और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी।
वहीं पार्षद प्रतिनिधि संजय सिंह ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही।

कार्यक्रम में अशोक श्रीवास्तव, इस्माइल भाई, राजू खान, डब्लू राना, राजू बाली, मिर्जा आरिफ बेग, शशिम खान, मंजीत सिंह, रामकिशोर यादव ‘उक्कू’, हाजी मो. अकबर बक्शी, सरदार परमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेश टंडन, बिहारी लाल, राजेंद्र कौशिक, सलाम अली, धीरज यादव, सलीम भाई, महावीर सिंह, गुड्डू झा, अजयपाल सिंह, पंकज सिंह, रामसिंह यादव, संतोष कौशिक, महेन्द्र सिंह छाबड़ा, विशाल मरावी, अजय अग्रवाल और बंटी छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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