बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन का असर, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
रायपुर, 25 सितंबर 2026। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 सितंबर को प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। IMD के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को जगदलपुर में 246.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि राजनांदगांव में 87 मिमी, रायपुर के अलग-अलग केंद्रों पर करीब 57 से 77 मिमी और दुर्ग में 49.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।
17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार बलौदाबाजार, कबीरधाम, बेमेतरा, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा समेत कई जिलों में खराब मौसम को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है।
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है। कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए भी छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधि को लेकर चेतावनी जारी की है।
बस्तर संभाग में स्कूल बंद
लगातार बारिश और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर संभाग के कुछ जिलों में 25 सितंबर को स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। बस्तर, बीजापुर और सुकमा में स्कूलों में अवकाश की जानकारी सामने आई है। कोंडागांव में भी जिला प्रशासन ने 25 सितंबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है।
बीजापुर में भारी बारिश के कारण 25 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
आकाशीय बिजली के दौरान बरतें सावधानी
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली की आशंका होने पर सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना बेहतर है।
बारिश के दौरान जलमग्न पुल-पुलियों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने से बचने की जरूरत है। वाहन चालकों को भी कम दृश्यता और सड़क पर जलभराव की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर बढ़ाई निगरानी
लगातार बारिश के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में प्रशासन को नदी-नालों और निचले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव दलों को भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रखा जा रहा है।
प्रदेश में मौसम की स्थिति को देखते हुए नागरिकों से अपील है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
