हिंदू धर्म में भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस वर्ष विशेष संयोगों के साथ आज (2 अप्रैल 2026) श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल की सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 2 अप्रैल की सुबह 7:41 बजे समाप्त हो रही है। उदया तिथि के अनुसार आज हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रहा है।
🔹 ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का दुर्लभ संयोग
इस वर्ष हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है।
- ध्रुव योग दोपहर 2:20 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसे स्थिरता और सफलता का प्रतीक माना जाता है।
- हस्त नक्षत्र शाम तक प्रभावी रहेगा, जिसे पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
🔹 पूजा के शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती पर पूजा के लिए विशेष समय को अत्यंत शुभ माना गया है—
- प्रातः 6:10 से 7:44 बजे तक
- सायं 6:39 से 8:06 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:38 से 5:24 बजे तक (ध्यान व जप के लिए श्रेष्ठ)
- अभिजीत मुहूर्त: 12:00 से 12:50 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए उत्तम)
🔹 हनुमान पूजा विधि और महत्व
इस दिन भक्त प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और भगवान हनुमान की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हैं।
भगवान को सिंदूर, चमेली का तेल, गुड़ और चने का भोग लगाया जाता है।
इसके बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, हनुमान अष्टक और बजरंग बाण का पाठ किया जाता है। विशेष रूप से बजरंग बाण के पाठ को नकारात्मक शक्तियों के नाश और बाधाओं के समाधान के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
🔹 आध्यात्मिक महत्व
हनुमान जयंती को शक्ति, भक्ति और संकट निवारण का पर्व माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
