माँ बारातोरहिन दाई मंदिर में चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन — 9 दिनों की पूजा-अर्चना के बाद जोत-जवारा विदाई, श्रद्धा में डूबा ठुसेकेला गांव!

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ग्राम ठुसेकेला में माँ बारातोरहिन दाई मंदिर पर चैत्र नवरात्रि का नौ दिवसीय दिव्य आयोजन

ग्राम पंचायत ठुसेकेला स्थित माँ बारातोरहिन दाई मंदिर में इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि का पारंपरिक एवं भव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। नौ दिनों तक पूरे गांव में धार्मिक वातावरण बना रहा, जहाँ भक्तों ने माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


नौ दिनों तक चला भक्ति का अनुष्ठान, श्रद्धालुओं ने की विधि-विधान से आराधना

नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन विशेष पूजा, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से लेकर देर शाम तक माँ दुर्गा के दर्शन एवं आराधना में लीन रहे।


नवमी तिथि पर हुआ जोत-जवारा का भावुक विदाई समारोह, श्रद्धालुओं की आंखें हुईं नम

नौवें दिन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार माँ दुर्गा के जोत-जवारा का विधिवत विसर्जन एवं विदाई की गई। इस दौरान पूरा माहौल भावुक हो उठा और अनेक श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू छलक पड़े। भक्तों ने माँ से पुनः अगले वर्ष आगमन की कामना की।


गांव में गूंजा भक्ति और आस्था का माहौल, पूरे क्षेत्र में रही धार्मिक ऊर्जा

पूरे नौ दिनों तक ग्राम ठुसेकेला में भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति गीतों की गूंज ने पूरे गांव को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।


ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी से सफल रहा आयोजन, परंपरा को मिली नई मजबूती

इस आयोजन में ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह धार्मिक पर्व और भी भव्य एवं सफल बन गया। स्थानीय लोगों ने इसे अपनी सांस्कृतिक परंपरा और आस्था का प्रतीक बताते हुए इसे आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

 

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