रिपोर्ट by अभिषेक कुमार पाण्डेय
ब्यूरो चीफ
जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़
09/08/26
आधुनिक मशीनरी से ट्रैक अनुरक्षण में गुणवत्ता, दक्षता एवं कार्य क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आज बिलासपुर के सेलून साइडिंग यार्ड में YD-22II प्रकार की हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन की कार्यप्रणाली के प्रदर्शन का अवलोकन किया। इस दौरान हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन के माध्यम से रेलवे ट्रैक के अनुरक्षण एवं गुणवत्ता सुधार की आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश को YD-22II हाइड्रोलिक रेल टैम्पिंग मशीन की कार्यप्रणाली, इसकी तकनीकी विशेषताओं तथा ट्रैक अनुरक्षण में इसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
मशीन द्वारा ट्रैक में गिट्टी की प्रभावी टैम्पिंग एवं ट्रैक की ज्यामिति को बेहतर बनाए रखने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य अभियंता श्री अवनीश कुमार पाण्डेय , मुख्य ट्रेक अभियंता श्री अखिलेश साहू एवं वरिष्ठ मंडल अभियंता श्री अरविंद विश्वकर्मा द्वारा मशीन के संचालन तथा ट्रैक अनुरक्षण में इसके महत्व की जानकारी दी गई। महाप्रबंधक महोदय को बताया गया कि आधुनिक हाइड्रोलिक टैम्पिंग मशीनों के उपयोग से ट्रैक अनुरक्षण कार्यों में सटीकता, कार्य क्षमता एवं गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है। साथ ही, ट्रैक की बेहतर स्थिति बनाए रखने से रेल परिचालन को अधिक संरक्षित एवं सुचारु बनाने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने मशीन की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए आधुनिक तकनीक एवं मशीनरी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से ट्रैक अनुरक्षण कार्यों को और अधिक दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान अपर महाप्रबंधक श्री विजय कुमार, मंडल रेल प्रबंधक श्री राकेश रंजन, मुख्य इंजीनियर, प्लानिंग एण्ड डिजाइन श्री देव राज, मुख्य इंजीनियर, ट्रैक मशीन श्री नीरज कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक, इन्फ्रा श्री जे एस मीना, महाप्रबंधक के सचिव श्री प्रदीप मिश्रा, उप महाप्रबंधक (सा.) श्री समीर कांत माथुर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस प्रदर्शन के माध्यम से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक तकनीक एवं उन्नत मशीनरी के उपयोग से संरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय रेल परिचालन के लिए ट्रैक अनुरक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।




