फोंडा (गोवा)। आस्था, संगीत और सिनेमा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब गोमांतकीय गायिका डॉ. शकुंतला भरणे के दो भक्ति गीतों का भव्य देवार्पण किया गया। मशहूर निर्देशक करण समर्थ के निर्देशन में तैयार इन गीतों ने भक्ति और संस्कृति को एक नई ऊंचाई दी है।
पवित्र धामों में फिल्माए गए भक्ति गीत, माहौल हुआ भक्तिमय
इन गीतों की शूटिंग श्री महालक्ष्मी संस्थान और श्री नवदुर्गा देवस्थान जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर की गई है। इन पवित्र स्थानों के दिव्य वातावरण ने गीतों को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
“नाम ही जप तू” और “तू देवी महामाया” को मिला दर्शकों का प्यार
पहला गीत “नाम ही जप तू” गीतकार माणिक राव गवणेकर के शब्दों और स्वयं डॉ. शकुंतला भरणे के संगीत से सजा है। वहीं दूसरा गीत “तू देवी महामाया” गीतकार माधव बोरकर की रचना है, जिसका संगीत प्रसिद्ध संगीतकार दत्ता दावजेकर ने दिया है। दोनों गीतों में भक्ति, क्लासिकल संगीत और परंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
करण समर्थ का निर्देशन, सिनेमाई अंदाज़ में पेश भक्ति
इन गीतों को निर्देशक करण समर्थ ने कलात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत किया है, जबकि कैमरामैन सैंडी सरदेसाई ने शानदार सिनेमेटोग्राफी के जरिए इन्हें जीवंत बना दिया। हालांकि करण समर्थ अन्य फिल्म की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
महालक्ष्मी मंदिर में हुआ भव्य देवार्पण समारोह
इन भक्ति गीतों का देवार्पण महालक्ष्मी मंदिर के सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में किया गया। यह आयोजन महाभारत के कोंकणी अनुवाद के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी शामिल हुए।
भक्ति, संस्कृति और संगीत का अनूठा संगम
इस एल्बम के हर फ्रेम में भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है। डॉ. शकुंतला भरणे की मधुर आवाज़ ने इन गीतों को विशेष पहचान दी है, जिसे श्रोताओं से भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।


