विग्रह से विश्वास की ओर” — छिनारी में 15 वर्षों बाद लौटी खुशियां, 9 परिवारों का अपने गांव में हुआ सम्मानपूर्वक पुनर्वास

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पुलिस, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मिला न्याय, ग्रामीणों ने किया आत्मीय स्वागत

नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत छिनारी में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल के तहत नक्सली उत्पीड़न के कारण विगत लगभग 15 वर्षों से अपने गांव से विस्थापित होकर जीवनयापन कर रहे 9 परिवारों की सम्मानपूर्वक गांव वापसी सुनिश्चित की गई। इस पहल के माध्यम से वर्षों पुराने सामाजिक मतभेदों का समाधान कर परिवारों को पुनः उनके पैतृक गांव में बसने का अवसर प्रदान किया गया।

इस संबंध में दिनांक 18 जून 2026 को ग्राम पंचायत छिनारी में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपसी संवाद एवं सहमति के माध्यम से वर्षों से लंबित विषय का शांतिपूर्ण समाधान किया गया तथा संबंधित परिवारों को पुनः गांव में बसने के लिए सामाजिक स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, ग्राम पंचायत छिनारी की सरपंच श्रीमती मंगती सलाम, उप सरपंच श्री नगसु गावड़े, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) श्री अविनाश कंवर तथा थाना प्रभारी श्री सीताराम सागर सहित ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास एवं भाईचारे को सुदृढ़ करने तथा इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नक्सली हिंसा एवं उत्पीड़न के कारण वर्षों पूर्व अपने गांव से दूर हुए इन परिवारों ने लगभग 15 वर्षों तक विस्थापन का जीवन व्यतीत किया। पुलिस एवं प्रशासन के सतत प्रयासों, संवाद और समन्वय के परिणामस्वरूप आज उन्हें अपने पैतृक गांव लौटकर सम्मानपूर्वक जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

गांववासियों ने लौटे हुए सभी परिवारों का आत्मीयता एवं सद्भाव के साथ स्वागत किया तथा उन्हें पुनः गांव के सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का भरोसा दिलाया। परिवारों ने भी गांव वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस, प्रशासन एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

गांव लौटे परिवार अब अपने पैतृक गांव में घर निर्माण कर सकेंगे तथा खेती-किसानी एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवनयापन कर सकेंगे। इससे उन्हें अपने पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवेश में पुनः स्थापित होने का अवसर मिलेगा तथा गांव के समग्र विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

यह पहल सामाजिक पुनर्स्थापना, आपसी विश्वास एवं क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “विग्रह से विश्वास की ओर” की भावना को साकार करते हुए नारायणपुर पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र में शांति, विश्वास एवं विकास को बढ़ावा देने तथा समाज के सभी वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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