रायगढ़। खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौकरी दिलाने का झांसा, लाखों की ठगी
रामभाठा निवासी समारू राम टंडन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अप्रैल 2025 में रायपुर के जयस्तंभ चौक के पास उसकी मुलाकात महासमुंद जिले के भद्ररसी निवासी कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर से हुई।
कुमार राम ठाकुर ने खुद को मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताते हुए मंत्रालय में अच्छी पहुंच होने का दावा किया और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
कई युवकों के नाम पर वसूली गई रकम
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने अपने बेटे सहित अन्य परिचितों के बायोडाटा उसे भेजे। आरोपी ने प्रति व्यक्ति लाखों रुपये की मांग की।
पीड़ित ने पहले 4 लाख रुपये नकद दिए और बाद में ऑनलाइन माध्यम से करीब 9 लाख 92 हजार 500 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद दिसंबर 2025 में आरोपी के गांव जाकर 8 लाख 77 हजार 500 रुपये और दिए गए।
इस तरह कुल मिलाकर 22 लाख 70 हजार रुपये की रकम आरोपियों को दी गई।
फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर बनाया भरोसा
पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने सभी उम्मीदवारों को डेटा ऑपरेटर पद के फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाए और 12 दिसंबर 2025 तक जॉइनिंग कराने का भरोसा दिलाया।
हालांकि तय तारीख पर जॉइनिंग नहीं हुई और आरोपी ने विधानसभा सत्र का हवाला देकर मामला टाल दिया।
रकम मांगने पर दी धमकी
जब पीड़ित ने दोबारा संपर्क कर नौकरी या पैसे की मांग की, तो आरोपी और उसकी पत्नी ने गाली-गलौज करते हुए रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
तभी पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने कुमार राम ठाकुर, उसकी पत्नी सोहद्रा बाई और मुकेश कुमार साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है।
